पटना। बिहार में गंगा समेत लगभग सभी प्रमुख नदियों के उफान पर होने के बीच बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। कई जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी बीच पटना से फिलहाल राहत की खबर सामने आई है। गांधी घाट पर गंगा नदी के जलस्तर में पिछले कुछ घंटों से बढ़ोतरी रुक गई है और पानी का स्तर स्थिर बताया जा रहा है।
शनिवार, 5 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया था। यह वर्ष 2016 में दर्ज 50.52 मीटर के उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से एक सेंटीमीटर अधिक था। इसके साथ ही गांधी घाट पर गंगा ने 2016 का पुराना रिकॉर्ड पार कर लिया था।
दोपहर 2 बजे के बाद जलस्तर में बढ़ोतरी रुकी
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे के बाद गांधी घाट पर गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी रुक गई। इससे पहले नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही थी।
ताजा आंकड़ों में गांधी घाट पर नया HFL 50.57 मीटर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल पानी का स्तर स्थिर रहने से प्रशासन और गंगा किनारे बसे लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
हालांकि, स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
CWC ने 50.62 मीटर तक पहुंचने का जताया था अनुमान
केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 की सुबह 8 बजे तक गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.62 मीटर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया था।
यदि पानी इस स्तर तक पहुंचता है तो यह मौजूदा HFL से करीब 5 सेंटीमीटर ऊपर होगा। हालांकि, दोपहर बाद जलस्तर में बढ़ोतरी रुकने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले घंटों में नदी का रुख कैसा रहता है।
पटना के निचले इलाकों पर बनी हुई है नजर
गंगा के जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि के कारण पटना के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। नदी का पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए रखना और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना जरूरी है।
बाढ़ का असर केवल नदी के जलस्तर पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इलाके की ऊंचाई, तटबंधों की स्थिति और स्थानीय जलनिकासी व्यवस्था जैसी परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होती हैं।
बिहार की कई नदियां उफान पर
गंगा के अलावा बिहार की अन्य प्रमुख नदियों में भी जलप्रवाह बढ़ा हुआ है। ऐसे में राज्य के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।
फिलहाल गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर स्थिर होना राहत की बात है, लेकिन आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर अब नदी के जलस्तर के अगले बदलाव पर बनी हुई है।







