नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रवेश प्रक्रिया के तहत कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS-PG) का संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के इस फैसले से हजारों ऐसे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश पहले आवेदन नहीं कर सके थे या अपने आवेदन में सुधार करना चाहते थे। अब ऐसे उम्मीदवारों को 2 जुलाई से 4 जुलाई 2026 तक Mid-Entry और Correction Window का लाभ मिलेगा।
विश्वविद्यालय के अनुसार यह विंडो 2 जुलाई सुबह 10:00 बजे खुलेगी और 4 जुलाई शाम 4:59 बजे तक सक्रिय रहेगी। इस अवधि के दौरान उम्मीदवार नए सिरे से आवेदन कर सकेंगे, अपने विषयों और प्राथमिकताओं (Preferences) में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे तथा प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने का एक और अवसर प्राप्त करेंगे।
क्या है Mid-Entry?
Mid-Entry दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया का एक विशेष चरण है। इसके माध्यम से ऐसे उम्मीदवार, जो किसी कारणवश पहले आवेदन नहीं कर पाए थे या निर्धारित समय में CSAS-PG पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कर सके थे, उन्हें दोबारा प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलता है।
हालांकि Mid-Entry करने वाले अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले पात्रता और दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए।
कौन-कौन उठा सकते हैं लाभ?
Mid-Entry सुविधा का लाभ निम्नलिखित उम्मीदवार उठा सकते हैं—
- जिन्होंने पहले CSAS-PG पोर्टल पर आवेदन नहीं किया था।
- जिनका आवेदन अधूरा रह गया था।
- जो आवेदन में विषय, कॉलेज या अन्य विवरणों में सुधार करना चाहते हैं।
- जो विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
आवेदन में क्या-क्या सुधार कर सकेंगे?
Correction Window के दौरान उम्मीदवार अपने आवेदन में कई महत्वपूर्ण बदलाव कर सकेंगे। इनमें शामिल हैं—
- व्यक्तिगत जानकारी में आवश्यक सुधार।
- शैक्षणिक विवरण में संशोधन।
- विषय एवं कार्यक्रम की प्राथमिकताओं (Preferences) में बदलाव।
- आवश्यक दस्तावेजों को अपडेट करना।
- अन्य तकनीकी त्रुटियों का सुधार।
हालांकि कुछ विवरण ऐसे भी हो सकते हैं जिनमें बदलाव की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक गाइडलाइन का पालन करना होगा।
तीसरे राउंड की सीट आवंटन प्रक्रिया
दिल्ली विश्वविद्यालय ने तीसरे चरण की सीट आवंटन प्रक्रिया का कार्यक्रम भी जारी किया है। 6 जुलाई 2026 को तीसरे राउंड की सीट आवंटन सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर—
- सीट स्वीकार (Accept) करनी होगी।
- संबंधित कॉलेज द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा।
- प्रवेश शुल्क जमा करना होगा।
- निर्धारित समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
यदि कोई उम्मीदवार तय समय के भीतर सीट स्वीकार नहीं करता है या शुल्क जमा नहीं करता है, तो उसकी सीट रद्द की जा सकती है।
विशेष श्रेणियों के लिए भी जारी हुआ शेड्यूल
विश्वविद्यालय ने स्पोर्ट्स कोटा, CW (Children/Widows of Armed Forces Personnel), वार्ड कोटा तथा प्रदर्शन आधारित (Performance Based) पीजी कार्यक्रमों के लिए भी अलग-अलग प्रवेश कार्यक्रम जारी किया है। इन श्रेणियों के अभ्यर्थियों को संबंधित तिथियों और दिशा-निर्देशों का विशेष रूप से पालन करने की सलाह दी गई है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
दिल्ली विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें। आवेदन या संशोधन करते समय सभी दस्तावेज, अंकपत्र, पात्रता संबंधी प्रमाणपत्र और व्यक्तिगत जानकारी को अच्छी तरह जांच लें। किसी भी प्रकार की गलती भविष्य में प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रवेश से संबंधित सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल DU के आधिकारिक एडमिशन पोर्टल पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी। इसलिए अभ्यर्थियों को किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपडेट का ही पालन करना चाहिए।
महत्वपूर्ण तिथियां
- Mid-Entry और Correction Window शुरू: 2 जुलाई 2026 (सुबह 10:00 बजे)
- Mid-Entry और Correction Window बंद: 4 जुलाई 2026 (शाम 4:59 बजे)
- तीसरे राउंड की सीट आवंटन सूची: 6 जुलाई 2026
दिल्ली विश्वविद्यालय की यह पहल उन हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है जो पहले किसी कारणवश प्रवेश प्रक्रिया से वंचित रह गए थे। ऐसे सभी अभ्यर्थियों के लिए यह अंतिम अवसर हो सकता है कि वे समय रहते आवेदन करें, आवश्यक सुधार करें और शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश की अपनी संभावना मजबूत बनाएं।







