देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। किराने के सामान से लेकर ट्रांसपोर्ट और यात्रा तक लगभग हर चीज महंगी हो रही है। अब इसका असर ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर भी पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में Swiggy और Zomato अपने डिलीवरी और प्लेटफॉर्म चार्ज में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से डिलीवरी पार्टनर्स की लागत तेजी से बढ़ी है। ऐसे में फूड डिलीवरी कंपनियां अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए ग्राहकों पर बोझ डाल सकती हैं।
क्यों बढ़ सकते हैं चार्ज?
विशेषज्ञों का कहना है कि फूड डिलीवरी बिजनेस पूरी तरह लॉजिस्टिक्स और तेज ट्रांसपोर्ट पर निर्भर करता है। डिलीवरी बॉय लगातार बाइक और स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं। पेट्रोल और डीजल महंगा होने से उनकी रोजाना की लागत बढ़ जाती है।
इसी वजह से कंपनियां—
- डिलीवरी फीस बढ़ा सकती हैं
- प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा कर सकती हैं
- पीक आवर चार्ज बढ़ा सकती हैं
- लंबी दूरी के ऑर्डर पर अतिरिक्त फीस लगा सकती हैं
पहले भी बढ़ चुके हैं प्लेटफॉर्म चार्ज
पिछले कुछ महीनों में Swiggy और Zomato दोनों ने कई शहरों में प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई थी। पहले जहां 2 या 3 रुपये प्लेटफॉर्म फीस लगती थी, वहीं अब कई जगह यह 6 से 10 रुपये तक पहुंच चुकी है।
अब माना जा रहा है कि अगर पेट्रोल-डीजल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो कंपनियां एक बार फिर चार्ज बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं।
ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर
अगर डिलीवरी फीस और प्लेटफॉर्म चार्ज बढ़ते हैं, तो ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना पहले के मुकाबले ज्यादा महंगा हो जाएगा।
उदाहरण के तौर पर—
- 200 रुपये के ऑर्डर पर कुल बिल 250-300 रुपये तक पहुंच सकता है
- बारिश, रात या पीक टाइम में अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है
- छोटे ऑर्डर पर ज्यादा फीस लग सकती है
इससे रोजाना ऑनलाइन खाना मंगाने वाले लोगों के खर्च में सीधा असर देखने को मिल सकता है।
डिलीवरी पार्टनर्स भी कर रहे हैं मांग
कई शहरों में डिलीवरी एजेंट्स ने भी बढ़ते पेट्रोल खर्च को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कमाई की तुलना में खर्च तेजी से बढ़ रहा है।
कुछ डिलीवरी पार्टनर्स ने यह मांग भी उठाई है कि कंपनियां इंसेंटिव और प्रति डिलीवरी भुगतान बढ़ाएं ताकि बढ़ती महंगाई का असर कम हो सके।
रेस्टोरेंट कारोबार पर भी असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर फूड डिलीवरी महंगी होती है तो इसका असर रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है। लोग ऑनलाइन ऑर्डर कम कर सकते हैं और बाहर जाकर खाना खाने को प्राथमिकता दे सकते हैं।
छोटे रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन बिजनेस को इससे नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
क्या कहती हैं कंपनियां?
हालांकि अभी तक Swiggy और Zomato की ओर से आधिकारिक तौर पर बड़े चार्ज बढ़ाने की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ने पर कंपनियां जल्द ही नई प्राइसिंग लागू कर सकती हैं।
आने वाले समय में और बढ़ सकती है महंगाई
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची बनी रहती हैं, तो पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं। इसका असर सिर्फ फूड डिलीवरी ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, सब्जियों, किराने और दूसरी सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में ऑनलाइन खाना मंगाने वाले लोगों को आने वाले समय में ज्यादा खर्च के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।







