Monday, July 6, 2026
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राजगीर में विश्वप्रसिद्ध मलमास मेले का भव्य शुभारंभ, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया ध्वजारोहण

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राजगीर / नालंदा | विशेष संवाददाता

नालंदा जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी राजगीर में रविवार को विश्वप्रसिद्ध मलमास (पुरुषोत्तम) मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैदिक मंत्रोच्चार, ध्वजारोहण और पूजा-अर्चना के साथ इस ऐतिहासिक मेले का विधिवत उद्घाटन किया।

मलमास मेला राजगीर की हजारों वर्ष पुरानी धार्मिक परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। हर तीन वर्ष पर आयोजित होने वाले इस मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक राजगीर पहुंचते हैं।

देवताओं के निवास की मान्यता

पौराणिक मान्यता के अनुसार अधिमास या पुरुषोत्तम मास के दौरान देवी-देवताओं का निवास राजगीर में होता है। इसी कारण इस अवधि को अत्यंत पवित्र माना जाता है। श्रद्धालु पूरे महीने राजगीर में रहकर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना, तप एवं स्नान करते हैं।

राजगीर स्थित 22 कुण्डों और 52 धाराओं में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्नान और पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

छह प्रमुख स्नान तिथियां घोषित

मेला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 17 मई 2026 को ध्वजारोहण एवं पूजन के साथ मेले की शुरुआत हुई। इसके बाद मेला अवधि के दौरान छह प्रमुख स्नान तिथियां निर्धारित की गई हैं—

  • 21 मई 2026 — पंचमी स्नान
  • 27 मई 2026 — प्रथम शाही स्नान
  • 31 मई 2026 — द्वितीय शाही स्नान
  • 5 जून 2026 — पंचमी स्नान
  • 11 जून 2026 — तृतीय शाही स्नान
  • 15 जून 2026 — अमावस्या स्नान एवं विसर्जन

इन तिथियों पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है।

श्रद्धालुओं के लिए जर्मन हैंगर पंडाल

पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजगीर स्टेट गेस्ट हाउस के पास 2000 लोगों की क्षमता वाला विशाल जर्मन हैंगर पंडाल बनाया गया है।

इसके अलावा राजगीर रेलवे स्टेशन परिसर, ब्रह्मकुंड के निकट और मेला थाना के पास 1000-1000 लोगों की क्षमता वाले अतिरिक्त हैंगर पंडाल भी तैयार किए गए हैं।

इन स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए—

  • चेंजिंग रूम
  • स्नानघर
  • पुरुष एवं महिला शौचालय
  • शुद्ध पेयजल
  • कंट्रोल रूम
  • CCTV निगरानी
  • हेल्थ कैंप
  • सस्ती रोटी काउंटर

जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

टेंट सिटी और पार्किंग की विशेष व्यवस्था

प्रशासन द्वारा 10 मिनी राजवाड़ी टेंट, जर्मन यात्री शेड और वाटरप्रूफ पंडाल भी बनाए गए हैं।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों के वाहनों के लिए कई बड़े पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है, जिनमें—

  • पीएचईडी कैम्पस
  • विश्वशांति स्तूप परिसर
  • किला मैदान
  • आरडीएच हाई स्कूल मैदान
  • पीटीजेएम कॉलेज
  • हॉकी मैदान
  • सोन भंडार
  • स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
  • गौरक्षणी
  • मेयार बाईपास

प्रमुख रूप से शामिल हैं।

सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था हाई अलर्ट पर

मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जगह-जगह पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

इसके अलावा चिकित्सा सहायता, अग्निशमन सेवा, पर्यटक सूचना केंद्र और गाइड सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आपातकालीन सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 112 जारी किया गया है।

जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद और पर्यटन विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर मेले को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन की अपील

पर्यटन विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक उदयन मिश्रा ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि राजगीर की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है तथा स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाए।

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