आरा / बक्सर।
भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद उपचुनाव में महागठबंधन को बड़ी सफलता मिली है। महागठबंधन समर्थित राजद उम्मीदवार Sonu Kumar Rai ने एनडीए प्रत्याशी Kanhaiya Prasad को हराकर सीट पर कब्जा जमा लिया। परिणाम घोषित होते ही राजद और महागठबंधन समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं, ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और जीत को जनता का जनादेश बताया।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई मतगणना
गुरुवार सुबह 8 बजे आरा स्थित राजकीय कन्या प्लस टू विद्यालय में मतगणना शुरू हुई। मतगणना स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरी प्रक्रिया जिला निर्वाचन पदाधिकारी और चुनाव पर्यवेक्षकों की निगरानी में संपन्न हुई।
सबसे पहले मतपेटियों को खोला गया, जिसके बाद मतपत्रों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती दौर से ही महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार सोनू कुमार राय बढ़त बनाए हुए थे। दोपहर 12 बजे तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी थी और वे लगभग 415 मतों की बढ़त के साथ निर्णायक स्थिति में पहुंच गए थे। इसके बाद समर्थकों ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया।
भारी मतदान ने बढ़ाया था मुकाबले का रोमांच
भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र में मंगलवार को मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस उपचुनाव में कुल 97.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो बेहद उत्साहजनक माना जा रहा है।
इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 6,086 मतदाता थे, जिनमें 2,832 पुरुष और 3,254 महिला मतदाता शामिल थे। चुनाव मैदान में कुल छह उम्मीदवार उतरे थे। उच्च मतदान प्रतिशत ने इस चुनाव को राजनीतिक रूप से बेहद अहम बना दिया था।
जदयू के कब्जे वाली सीट पर राजद की जीत
यह सीट पूर्व विधान पार्षद Radha Charan Shah के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। अब तक यह सीट जदयू के कब्जे में थी, लेकिन इस उपचुनाव में राजद उम्मीदवार की जीत ने बिहार की राजनीति में नया संदेश दे दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सीट पर महागठबंधन की जीत को केवल एक उपचुनाव की जीत के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और सत्ता समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सम्राट चौधरी सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार में Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला बड़ा राजनीतिक मुकाबला था, जिस पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई थी। ऐसे में एनडीए समर्थित उम्मीदवार की हार को सत्ताधारी गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
जहां यह सीट पहले जदयू के पास थी, वहीं अब राजद ने इसे अपने कब्जे में लेकर महागठबंधन के मनोबल को काफी मजबूत कर दिया है। विपक्षी दल इस जीत को जनता के बदलते राजनीतिक रुझान का संकेत बता रहे हैं।
कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह
परिणाम घोषित होते ही आरा और बक्सर सहित कई इलाकों में राजद समर्थकों ने जश्न मनाया। पार्टी कार्यालयों के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। समर्थकों ने पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटी और नारेबाजी की।
राजद नेताओं का कहना है कि यह जीत जनता के भरोसे और महागठबंधन की नीतियों पर मुहर है। वहीं एनडीए नेताओं ने कहा कि वे परिणाम की समीक्षा करेंगे और भविष्य में और मजबूती के साथ जनता के बीच जाएंगे।
बिहार की राजनीति में बढ़ेगी हलचल
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भोजपुर-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव का परिणाम आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। यह जीत महागठबंधन के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है, वहीं एनडीए के लिए आत्ममंथन का विषय बन सकती है।






