पटना | अर्चना शांडिल्य की रिपोर्ट
महंगी होती चिकित्सा व्यवस्था और बढ़ते इलाज खर्च के बीच अब लोग वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इन्हीं में एक प्रमुख नाम है एक्युप्रेशर चिकित्सा पद्धति, जिसे कई लोग दर्द निवारण और शरीर को संतुलित रखने का प्रभावी माध्यम मान रहे हैं।
प्रमाणित चिकित्सक और एक्युप्रेशर शिरोमणि महागुरु डॉ एस.पी. गुप्त का मानना है कि मानव शरीर ईश्वर का अनमोल वरदान है और सही उपचार पद्धति के जरिए शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
उनके अनुसार वर्तमान समय में महंगे इलाज और दवाइयों से परेशान लोग अब प्राकृतिक और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर रुख कर रहे हैं।
दर्द निवारण में कारगर मानी जा रही एक्युप्रेशर विधा
डॉ एस.पी. गुप्त बताते हैं कि एक्युप्रेशर पद्धति शरीर की नसों और ऊर्जा बिंदुओं पर आधारित उपचार प्रणाली है।
इस विधा में शरीर के विशेष बिंदुओं पर दबाव देकर दर्द और कई शारीरिक समस्याओं से राहत दिलाने की कोशिश की जाती है।
उनका कहना है कि दुनिया भर में इस चिकित्सा पद्धति ने ऐसे मरीजों को भी राहत दी है, जो लंबे समय तक इलाज कराने के बाद भी परेशान थे।
तीन पीढ़ियों से जुड़ी है उपचार परंपरा
डॉ अजय प्रकाश, जो वर्तमान समय में प्रमाणित एक्युप्रेशर चिकित्सक के रूप में कार्य कर रहे हैं, बताते हैं कि उनके परिवार में पिछले तीन पीढ़ियों से इस विधा के जरिए लोगों का उपचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग तत्काल राहत और कम खर्च वाले उपचार की तलाश में रहते हैं, यही वजह है कि एक्युप्रेशर के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है।
डॉ अजय का कहना है कि कई मरीज नियमित उपचार के बाद बेहतर परिणाम महसूस कर रहे हैं, जिससे इस पद्धति की लोकप्रियता बढ़ी है।
बिना विशेषज्ञ सलाह के न करें प्रयोग
हालांकि विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी है।
डॉ अजय प्रकाश ने कहा कि बिना प्रशिक्षित डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के शरीर की नसों और प्रेशर प्वाइंट्स पर दबाव डालना नुकसानदायक हो सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह का उपचार केवल विशेषज्ञ की देखरेख में ही कराएं।
प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ रहा रुझान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में योग, प्राकृतिक चिकित्सा, एक्युप्रेशर और आयुर्वेद जैसी पद्धतियों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
कम दुष्प्रभाव, कम खर्च और प्राकृतिक उपचार पद्धति होने के कारण लोग अब इन विकल्पों को गंभीरता से अपनाने लगे हैं।
फिलहाल एक्युप्रेशर चिकित्सा पद्धति धीरे-धीरे आम लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाती दिखाई दे रही है।







