Monday, July 6, 2026
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सुल्तानगंज गोलीकांड में सभापति राजकुमार गुड्डू का निधन, 12 दिन बाद जिंदगी की जंग हारे

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भागलपुर :

बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। नगर परिषद कार्यालय में हुए जानलेवा गोलीकांड में गंभीर रूप से घायल सभापति राजकुमार गुड्डू ने आखिरकार 12 दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। उनका इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां शनिवार 9 मई को उन्होंने अंतिम सांस ली।

शरीर में फंसी थीं दो गोलियां

जानकारी के अनुसार गोलीबारी की घटना के दौरान राजकुमार गुड्डू के शरीर में दो गोलियां फंस गई थीं। इसी कारण उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की टीम लगातार उन्हें बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी रही।

सूत्रों के अनुसार डॉक्टर शुरुआती दिनों में उनका ऑपरेशन भी नहीं कर पाए थे, क्योंकि शरीर की स्थिति ऑपरेशन के लिए अनुकूल नहीं थी। करीब 11 दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

पूरे इलाके में शोक और आक्रोश

राजकुमार गुड्डू के निधन की खबर फैलते ही सुल्तानगंज और पूरे भागलपुर में शोक की लहर दौड़ गई। नगर परिषद कार्यालय से लेकर उनके आवास तक मातम का माहौल देखने को मिला।

समर्थकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उनके घर पहुंचने लगी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर तरफ सन्नाटा और गम का माहौल बना हुआ है। कई लोगों की आंखें नम दिखीं और समर्थक लगातार न्याय की मांग करते नजर आए।

कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर परिषद कार्यालय जैसे स्थान पर एक जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

लोगों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी घटना की कड़ी निंदा की है।

राजनीतिक गलियारों में भी हलचल

राजकुमार गुड्डू की मौत के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चिंता बढ़ गई है। कई नेताओं ने घटना पर दुख जताते हुए इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।

लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नगर परिषद कार्यालय जैसे सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में इतनी बड़ी वारदात कैसे हो गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

श्रद्धांजलि सभाओं का दौर शुरू

राजकुमार गुड्डू के निधन के बाद पूरे क्षेत्र में श्रद्धांजलि सभाओं का दौर शुरू हो गया है। समर्थक और स्थानीय लोग उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं।

कई जगहों पर कैंडल मार्च और शोक सभा आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। लोगों का कहना है कि राजकुमार गुड्डू क्षेत्र में सक्रिय और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि थे।

अब पूरे इलाके में सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है —
आखिर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों होती जा रही है?

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