स्किल इंडिया प्रोग्राम के अन्तर्गत 30 युवक-युवतियों को मिल रहा है प्रशिक्षण

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मुंगेर, (हि.स.)। भारत सरकार के ‘स्किल डेवलेपमेंट प्रोग्राम’ में बिहार के मुंगेर जिले के प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 30 युवक-युवतियों को स्व-रोजगर के क्षेत्र में मौका प्रदान किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान युवक-युवतियों ने खेतों और क्यारियों में कुदाल और खुरपी चला कर काम किया, साथ ही वे नर्सरी और कम्पोस्ट निर्माण के गुण कृषि वैज्ञानिकों के मार्ग-निर्देशन में सीख रहे हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान दिल्ली, बिहार स्किल डेवलेपमेंट मिशन, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और बामिति के सौजन्य से गार्डेनर ट्रेेड में चयनित बेरोजगार युवक-युवतियों को 38 दिवसीय प्रशिक्षण 17 दिसम्बर से मुंगेर के कृषि विज्ञान केन्द्र में मिल रहा है। प्रशिक्षण के उपरांत ये सभी प्रशिक्षणार्थी सर्टिफिकेट प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य इन बेरोजगार युवक-युवतियों को इतना सक्षम बना देना है ताकि वे लोग भविष्य में स्व-रोजगार के क्षेत्र में अपनी नर्सरी और कम्पोस्ट निर्माण की इकाई स्थापित कर सकें, आर्थिक रूप में मजबूत बनें और नियोक्ता बनकर दूसरे बेरोजगारों को रोजगार दे सकें ।
कृषि विज्ञान केन्द्र, मुंगेर के प्रधान व वरीय वैज्ञानिक मुकेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार के स्किल इंडिया प्रोग्राम के अन्तर्गत 30 बेरोजगारों को स्व-रोजगार के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुंगेर सदर प्रखंड के बेनागीर गांव के रिक्शा-चालक मो खालिक की बेटी रीना शाहिन (20) ने गार्डेनर ट्रेड में प्रशिक्षण मिलने पर खुशी व्यक्ति की। इसी गांव की निवासी रूबी कुमारी ने बताया कि वह प्रशिक्षण के दौरान नसरी निर्माण के कार्यों को बखूबी सीख रही है। उधर सुजावलपुर निवासी नायाव हसन राणा ने बताया कि इस प्रशिक्षण में वे पेड़-पौधों को लगाने और नर्सरी निर्माण के प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही प्रशिक्षण के उपरांत स्व-रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सबल होने की योजना बना रहे हैं।