रेलवे के 6 नए एलान

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नई दिल्ली.सुरेश प्रभु ने गुरुवार को रेलवे का 2017-18 का नया बिजनेस प्लान लॉन्च किया। इसे मिनी रेल बजट माना जा रहा है। इसके मुताबिक, सफर को आसान बनाने के लिए रेलवे जल्द ही इंटिग्रेटेड मोबाइल ऐप लाएगी। एक ही ऐप में टिकट बुकिंग, टैक्सी और कुली हायर करना, टूर पैकेज बुक करना, खाना ऑर्डर करना जैसी 17 सर्विसेस मिल सकती हैं। ऐप को मई में लॉन्च किया जा सकता है। रेलवे ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए आधार को जल्द जरूरी करने जा रहा है। इसी तरह दिल्ली से ट्रकों को मालगाड़ी से बाहर भेजने की फैसिलिटी भी शुरू कर दी गई है। इससे शहर में पॉल्यूशन कम करने में मदद मिलेगी। बता दें कि इस बार सरकार ने अलग से रेल बजट पेश नहीं किया था। रेलवे के 6 एलान…
1# ऐप के जरिए जुड़ेंगी कई तरह की सर्विसेस
– रेलवे से जुड़ी जानकारी, बस टिकट, ट्रैवल स्टोर, ट्रेन रनिंग स्टेटस, रेलवे से संबंधित न्यूज, शॉर्ट स्टे, होटल बुकिंग, ट्रेन का टाइम, पीएनआर स्टेटस, स्टेशनों के बीच चलने वाली ट्रेनों की डिटेल, ट्रेन रूट और गूगल मैप के जरिए लाइव स्टेटस, खाने की बुकिंग, आईआरसीटीसी के जरिए टिकट बुकिंग, रेल किराया, ट्रेन का लाइव स्टेटस, हेल्पलाइन नंबर, एसएमएस के जरिए सीट की अवेलेबिलिटी, कोच में सीट की पोजिशन जैसी सर्विसेस ऐप पर अवेलेबल रहेंगी।
2# रेलवे की RO-RO सर्विस
– रेलवे के नॉन फेयर रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए रो-रो यानी रोल ऑन-रोल ऑफ सर्विस (माल से लदे ट्रकों के लिए खास ट्रेन) का भी एलान किया गया है।
– ये सर्विस खासतौर पर दिल्ली के रास्ते देश के दूसरे हिस्सों में जाने वाले ट्रकों के लिए होगी। इसकी शुरुआत गुरुग्राम से की जाएगी।
– इससे फायदा ये होगा कि दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक कम किया जा सकेगा। इसकी शुरुआत भी हो गई है।
– गुरुवार को एक साथ 30 ट्रक गुड्स ट्रेन के वैगन्स के जरिए गुरुग्राम के गरही हरसुरु स्टेशन से यूपी के मुरादनगर नगर के लिए रवाना किए गए।
– दिल्ली के लिए तो रो-रो सर्विस खास होगी, क्योंकि यहां पॉल्यूशन के चलते एयर क्वालिटी कई बार बेहद खराब हो जाती है। इससे कार्बन इमिशन कम होगा और रोड पर बड़े ट्रक और ट्रॉला भी कम होंगे।
क्यों है RO-RO सर्विस की जरूरत
– एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली की सड़कों पर हर रोज करीब 66,000 डीजल ट्रक गुजरते हैं।
– माना जाता है कि दिल्ली से जो भी ट्रक गुजरते हैं, उनमें 40% दिल्ली के लिए नहीं होते। रोल ऑन-रोल ऑफ सर्विस के तहत अगर ऐसे ज्यादातर ट्रकों को मालगाड़ी की वैगन्स में लादा जाता है तो दिल्ली से पॉल्यूशन घटाने में मदद मिलेगी। मालगाड़ी की एक वैगन में दो ट्रक लादे जा सकेंगे। एक मालगाड़ी अपने साथ मैक्जिमम 40 ट्रक ढो सकेगी।
– इससे ट्रक मालिकों को भी फायदा होगा। वे ज्यादा जल्दी और सेफ्टी के साथ डिलिवरी कर सकेंगे।
3# टिकट बुकिंग के लिए आधार कार्ड जरूरी
– रेलवे ट्रेन टिकट की ऑनलाइन यानी IRCTC से बुकिंग के लिए जल्द ही आधार नंबर को जरूरी करने जा रही है। इसका मकसद बल्क में टिकट बुकिंग और फर्जीवाड़े को रोकना है। इसके अलावा सीनियर सिटिजन्स के लिए 1 अप्रैल से कन्सेशन के लिए भी आधार कार्ड मैंडेटरी किया गया है। फिलहाल, इसे तीन महीने के ट्रायल रन के तौर पर लागू किया जा रहा है।
आधार कैसे जरूरी होगा?
– एक न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक, IRCTC पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन के लिए आधार जरूरी होगा। ये इसलिए है ताकि फेक आइडेंटिटी का इस्तेमाल कर लोग टिकटों की कालाबाजारी न करें। रेलवे इसके लिए एक सॉफ्टवेयर भी तैयार कर रहा है।
4# 6 हजार Pos मशीनें लगाई जाएंगी
– नए प्लान के तहत देशभर में 6000 प्वाइंट ऑफ सेल्स (PoS) मशीनें लगाई जाएंगी। इसी के साथ 1000 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें भी लगाई जाएंगी।
– रेलवे की ओर से कहा गया है कि ऐप सर्विस शुरू होने के बाद टिकट के लिए लाइन कम होंगी, कागज की बचत होगी और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
5# सामान ले जाने पर डिस्काउंट ऑफर
– रेलवे ने सामान की ढुलाई के मामले में कस्टमर्स को लुभाने के लिए डिस्काउंट ऑफर दिया है, क्योंकि पिछले साल इसमें गिरावट देखने को मिली।
– बिजनेस प्लान में रेलवे के ऑफर के तहत मिनिमम लोडिंग के लिए डिस्काउंट 1.5% से बढ़ाकर 35% किया गया है। यह 45 दिन में रिफंड होगा।
– रेल मंत्री ने कहा कि एक वक्त था, जब रेलवे को ज्यादा माल भाड़ा मिलता था। लेकिन पिछले एक साल में ग्लोबल इकोनॉमिक चेंज के चलते इसमें गिरावट आई।
6# कॉमन पेमेंट गेटवे सिस्टम
– रेलवे के एक सीनियर अफसर ने बताया कि फिलहाल कई तरह के मोबाइल एप्लिकेशन मार्केट में मौजूद हैं। इनसे टिकट बुकिंग, टैक्सी, ई-कैटरिंग और बाकी सर्विसेस मिलती हैं।
– इंटिग्रेटेड रेलवे ऐप की खासियत ये होगी कि इसमें सभी सर्विसेस एक साथ मिलेंगी। रिजर्वेशन, जनरल, सीजनल और प्लैटफॉर्म टिकट की बुकिंग हो सकेगी। इसके लिए कॉमन पेमेंट गेटवे सिस्टम डेवलप किया गया है।
इस बार रेल बजट अलग पेश नहीं हुआ
– बता दें कि मोदी सरकार ने 92 साल की परंपरा तोड़ते हुए इस बार रेल बजट अलग से पेश नहीं किया। इसे आम बजट में ही शामिल किया गया।
– रेल मंत्री ने अब फाइनेंशियल ईयर 2018-18 के लिए 100 पेज का एक्शन प्लान पेश किया है। आमतौर पर पहले रेल बजट करीब 150 पेज का रहता था। इसीलिए इसे मिनी रेल बजट भी कहा जा रहा है।