राष्ट्रीय न्यास अध्यक्ष और सदस्यों के निश्चित कार्यकाल को मंजूरी

0
33

नई दिल्ली (हि.स.)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय न्यास के अध्यक्ष तथा बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष के लिए निर्धारित करने को अनुमति प्रदान कर दी है। वर्तमान में अध्यक्ष के इस्तीफा देने और सदस्य के कार्यकाल पूरा होने के बाद भी किसी उपयुक्त व्यक्ति की नियुक्ति न होने के कारण वह पद पर बने रहते थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय न्यास के अध्यक्ष तथा बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष के लिए निर्धारित करने के लिए राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 की धारा (4 (1) तथा धारा 5 (1) में संशोधन करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 की धारा 4 (1) में प्रावधान है कि राष्ट्रीय न्यास के अध्यक्ष या बोर्ड का कोई एक सदस्य जब तक उनके उत्तराधिकारी विधिवत रूप से नियुक्त किए जाते हैं। तीन वर्ष की निर्धारित अवधि के बाद भी कार्यालय में बने रहेंगे। अध्यक्ष के त्यागपत्र के मामले में अधिनियम की धारा 5(1) में प्रावधान है कि सरकार द्वारा उनके उत्तराधिकारी विधिवत रूप से नियुक्त किए जाने तक कार्यालय में बने रहेंगे।
वर्तमान स्वरूप में अधिनियम के उपरोक्त प्रावधानों की शब्दावली के कारण अध्यक्ष अनिश्चित अवधि के लिए रहे, क्योंकि नियुक्ति के लिए उपयुक्त उत्तराधिकारी पात्र नहीं पाया जा सका। अधिनियम के इन प्रावधानों में प्रस्तावित संशोधन ऐसी स्थिति को टालेगा और किसी पदस्थ द्वारा उसी पद पर लगातार बने रहने के किसी भी अवसर को समाप्त करेगा।