फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर बहाल शिक्षकों की खुली पोल,डीएम ने दिया प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश, हड़कंप।

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कैमूर/मुकुल जायसवाल

कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में जाली प्रमाणपत्र का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस प्रखंड में कई विद्यालयों में जाली प्रमाण पत्र के आधार पर  गुरुजी अभी भी नौकरी कर रहे हैं। ताजा मामला शारिरिक शिक्षकों से जुड़ा है। बताया जाता है कि अभी 18 शारिरिक शिक्षको का प्रमाण पत्र फर्जी मिला है, जो उड़ीसा बोर्ड से निर्गत है ।  वर्ष 2015 में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच प्रारंभ शुरू हुई थी । प्रमाण पत्रों की जांच से पहले सरकार द्वारा फर्जी शिक्षकों को नौकरी छोड़ने की अंतिम चेतावनी दी गई थी । जिसके बाद जिले के विभिन्न प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत कई दर्जन शिक्षक नौकरी छोड़ कर भाग खड़े हुए थे।  इन शिक्षकों के नौकरी छोड़ने के बाद लगा था कि अब विद्यालय के सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र बिल्कुल सही है। लेकिन हुआ इसके ठीक उलटा। वर्ष 2011 में चैनपुर प्रखंड नियोजन इकाई द्वारा शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान इन शिक्षकों में से 8 शिक्षकों के प्रमाण पत्र जाली पाए गए थे। वहीं वर्ष 2014 में भी प्रखंड नियोजन इकाई द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी जब जांच किया गया तो 10 शारिरिक शिक्षक के प्रमाण पत्र जाली पाए गए थे । जिसके बाद कैमूर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने वैसे फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध FIR करने और जेल भेजने की अनुशंसा की है । फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले यह शिक्षक एक दो माह से नहीं बल्कि करीब 6 सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। और सरकार से वेतन भी ले रहे हैं। इन सभी 18 शिक्षकों से फिलहाल शोकाज पूछा गया है उसके बाद विभाग कार्रवाई करने की बात कहा है। वहीं मोहनिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि चैनपुर प्रखंड में कुल 18 शारीरिक शिक्षक ऐसे हैं जिनका प्रमाणपत्र फर्जी है । यह सभी प्रमाणपत्र उड़ीसा बोर्ड से निर्गत है। जांच किया गया तो फर्जी पाया गया। जिसके आलोक में इन सभी 18 शिक्षकों शो काज पूछा गया है और जिलाधिकारी को भी सूचित कर दिया गया है। इधर जिलाधिकारी राजेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया इसके जांचने के लिए निगरानी टीम बनी हुई है। उन्होंने जांच कर बताया कि चैनपुर प्रखंड में शिक्षकों का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। हमने उनके ऊपर करवाई करने के लिए आदेश दे दिया है। उनके उपर जल्द प्राथमिकी दर्ज कर पैसा रिकवरी किया जाएगा