नीतीश जी के गुरुघंटाल शिक्षक,बच्चो को दे रहे है अधकचरा ज्ञान और वेतन बढ़ोतरी के लिए कर रहे है आंदोलन।

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चन्दन कुमार/शेखपुरा

एक तरफ सुशासन सरकार जोर -शोर नारा लगा रही है की सुशासन आने के बाद बिहार में चहुंमुखी विकास हो रहा है। स्वास्थ्य ,शिक्षा की चर्चा को लेकर उनके कार्यकर्त्ता थकते नहीं है। लेकिन इसका उल्टा नज़ारा शेखपुरा जिला में देखने को मिला रहा है। एक तरफ़ जहां सभी शिक्षक वेतन बढ़ोतरी के लिए आंदोलन कर रहे है, वही दूसरी तरफ एक विद्यालय में गुरु जी बच्चो को अधकचरा ज्ञान दे रहे है।
यह मामला चेवाड़ा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलखुड़ी का है। जहां के प्राचार्य निर्मला सिंह बच्चो को अधकचरा ज्ञान दे रहे है। हद की बात यह है की प्राचार्य को जिले के जिलाधिकारी ,एसपी,जिला शिक्षा पदाधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री तक का नाम नही पता है। बताती है सिर्फ शिक्षा मंत्री का नाम वो भी प्रशांत कुमार। पढ़ाई के नाम पर किस तरह बच्चो को अधकचरा ज्ञान दिया जा रहा है। इससे साफ़ जाहिर होता है की बच्चो का भविष्य किस ओर जायेगा। पर्याप्त संसाधनों और योग्य शिक्षकों को उपलब्ध करा कर सूबे तथा क्षेत्र की जनता को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करने का एलान आज उस वक़्त ढपोरशंखी साबित हुआ ,जब कार्यावधि में पत्रकारों द्वारा क्षेत्र के एक मध्य विद्यालय में छात्र छात्राओं को खेलते और शिक्षकों को आराम फरमाते देख विद्यालय का औचक निरक्षण किया गया । आश्चर्य तो तब हुआ जब प्राचार्य निर्मला सिंह ने बिहार के शिक्षा मंत्री तो दूर जिले के डीएम ,एसपी तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी का नाम भी नहीं बता पायी। छात्र-छात्रों का हाल क्या होगा ,पूछने पर छात्र-छात्राओं ने पूरी अंग्रेजी वर्णमाला भी नहीं बता पायी।हालाँकि इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी तकिउद्दीन अहमद ने अफ़सोस जताने के बजाय कहा कि छोड़िये न ये सब अभी हम डीएम साहब की मीटिंग में हूँ।