जब मंत्रियों के गांव में फफक रहे बाढ़ पीड़ितों को देख गायक बन गये सांसद पप्पू, पीड़ितों के लिए किया भोजन-भात का इंतजामात,मदद का भरोसा।

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हाल-ए-शहरबन्नी,केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का गांव।

(राजेश सिन्हा की खास रिपोर्ट)
सत्ता के गलियारों से लेकर सड़कों तक विकास और विनाश के नाम पर अक्सर कंठ फाड़ते रहने वाले केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का पैतृक गांव शहरबन्नी विकास के मामले में हासिए पर खड़ा है। खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत शहरबन्नी गांव के लोगों की आंखें आजादी के दशकों बाद भी शायद वास्तविक विकास को देखने के लिए पथरा गई है। इतना ही नहीं विकास के लिए किसी मसीहा की तलाश करते-करते स्थानीय लोगों की आंखें भी शायद अब जवाब दे चुकी है। समय-समय पर गांव का दीदार करने के बावत केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान तथा फिलवक्त जनता के द्वारा नकार दिए गए तत्कालीन सांसद रामचन्द्र पासवान व अनुज पशुपति कुमार पारस आते रहे हैं और लोगों को विकास का सब्जबाग दिखाते रहे हैं। बावजूद इसके इस इलाके का सर्वांगींण विकास हुआ अथवा नहीं, यह बताने की शायद जरुरत नहीं है। लेकिन बाढ़ की इस विपदा ने मंत्रियों के गांव के नाम से मशहूर शहरबन्नी के नंगे सत्य को जनता के सामने ला रख छोड़ा है और आज मंत्रियों का यह गांव खासे सुर्खियों में है। बात अलग है कि जनता के प्रति अपने आपको न्योछावर कर चुके मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शहरबन्नी गांव के बाढ़ प्रभावितों की हकीकत से रु-ब-रु होने नहीं पहुंचते तो शायद जनता की न ही अरमान पूरी होती और न ही बाढ़ के इस मौसम में गरीब व जरुरतमंदों के पेट भरने का इंतजामात किया जाता।
आज सांसद पप्पू यादव, युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ,जाप जिलाध्यक्ष सह पूर्व नगर सभापति मनोहर कुमार यादव ,नगर पार्षद रणवीर कुमार तथा युवा शक्ति के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह सहित दर्जनों समर्थकों के साथ केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान एवं बिहार के पशुपालन मंत्री पशुपति पारस के पैतृक गांव सहरबन्नी पंचायत पहुंचे।
कोठिया पिपरा एवं बिसरिया गांव का दौरा किया। इस दौरान यह सत्य सामने आया कि वहां की स्थिति बहुत खराब है । बाढ़ प्रभावित लोग पिछले पंद्रह दिनों से भूखे हैं। हां! प्रशासनिक तौर पर जिला प्रशासन की तरफ से थोड़ा चुरा दे दिया गया है। उसमें भी कई लोग आस लगाए भूखे प्यासे हैं। सांसद ने दरियादिली का परिचय देते हुए कोठिया पिपरा में पके पकाए भोजन के लिए 75 हजार एवं बिसरिया में तीस हजार रुपये जन अधिकार पार्टी के तरफ से देने की घोषणा कर दी और तत्क्षण ही जाप ज़िलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव के द्वारा नकद राशि का भुगतान कर दिया गया। हालांकि सांसद ने यह स्पष्ट कहा कि स्थानीय पीड़ित परिवारों के बीच दस दिनों तक पका- पकाया भोजन के बावत यह राशि दी गई है। अलौली प्रखंड के जाप सचिव मनोज पासवान, अलौली युवा शक्ति प्रखंड अध्यक्ष सुधीर यादव, जाप महासचिव शिवजी दास आदि की मौजूदगी में कोशी के धरती पुत्र कहे जाने वाले मधेपुरा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि यह शहरबन्नी पंचायत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का पैतृक गांव है। रामविलास के भाई पशुपति कुमार पारस बिहार सरकार में मंत्री हैं। शहरबन्नी में राहत न पहुंचने की खबरें जब सुर्खियों में आयी तो यहां पहुंचे और देखा कि सरकार की ओर से अब तक बाढ़ राहत सामग्री के नाम पर सिर्फ चूड़ा-चीनी शुरुआती दिनों में ही दिया गया है। कोई मदद करने वाला नहीं है लेकिन पता नहीं क्यों ,रामविलास पासवान और पशुपति कुमार पारस भी अपने पड़ोसियों को देखने तक नहीं आए।
कहा कि शहरबन्नी के 12 टोलों में से महज 7 टोलों तक ही राहत पहुंचा है। वैसे उस समय अद्भभुत दृश्य आया जब छोटे बच्चे को लेकर पीड़ित परिवार के लोग सामने आ गए और बच्चे के ऑपरेशन को ले दस हजार रुपये हाथ में थमाते हुए आगे भी मदद करने का आश्वासन दे डाला सांसद ने दिया। पप्पू यादव ने रामविलास पासवान और पशुपति कुमार पारस से भी अनुरोध किया है कि वह अपने गांव की देखभाल करें। गांव वालों की अनदेखी करना ठीक नहीं है। सिर्फ वोट के वक्त ही पारस जी गांव में दिखें , यह कौन सी बात हुई। सांसद पप्पू ने राजद पर चोट करते हुए कहा कि अभी रैली और पॉलिटिकल शो करने में पैसे खर्च करने के बजाय बाढ़ पीड़ितों की सेवा में रुपये खर्च करना चाहिए। रुपये की उन्हें कौन सी कमी है। बहरहाल, शहरबन्नी सुर्खियों में है और धीरे-धीरे राजनीतिक व प्रशासनिक पारा चढ़ने लगा है।