एसपी के कार्यकुशलता ने लोगों के दिलो में बनाई खास जगह,प्रोन्नति पाने की है खुशी तो विदा होने का भी है गम।

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खगड़िया/ राजेश सिन्हा
खगड़िया के पुलिस कप्तान अनिल कुमार सिंह की कार्यशैली के कायल दिवाने उनकी प्रोन्नति को लेकर जितना गदगद हैं, उससे अधिक उनकी विदाई को ले गमगीन भी हैं। किसी को समझ भी नहीं आता कि उनको डीआईजी पद पद पर प्रोनन्ति को ले बधाई दें, या उनके खगड़िया से बतौर एसपी जानें का गम मनाएं। बहरहाल, इतना तो तय है कि खगड़िया के एसपी रहते उन्होंने गम भी बटोरा और प्यार भी लुटाया। आईजेए के खगड़िया जिला प्रमुख की बातों को अगर तवज्जो देते हुए बिना संपादन के बातों को उतार दूं तो, सुलझे हुए लोगों को कहीं चुनौती नहीं मिलती ।लेकिन खगड़िया के लिए यह गौरव की बात है कि एसपी रहते उन्हें डीआईजी के रूप में हमलोग विदा करेंगे। बेहतर पुलिसिंग के कारण ही आज तीन दर्जन से अधिक निर्दोषों को हत्या कांड में राहत मिली और असली अपराधी पकड़ा गया। पुलिस में ऐसे कम ही अधिकारी होते हैं जो धटना के तह में पहुंच कर न्याय की बात करते हैं। अक्सर घटनाएं घटती है तो तुरंत नामजदों की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए जाते हैं। ऐसे में वास्तविक अपराधी को बचने का मौका मिल जाता है और निर्दोष अपनी बात नहीं रख पाते हैं । खगड़िया एसपी को प्रोन्नति मिलने पर हम आशा और विश्वास भी करेंगे कि इसी तरह वे न्याय देकर निर्दोष के साथ आगे भी खड़े उतरेगे। उनके कार्यकाल की तमाम लोग सराहना करते हैं। हालांकि उनके कुछ अपनों ने ही अपने कार्यकलाप से उन्हें चोट पहुंचाने की कोशिश की । बावजूद वे अपने पथ पर चलते रहे । हम लोग तो उनके डीआईजी वर्ग मे प्रोन्नति से काफी खुश हैं लेकिन दुख भी है कि वह कुछ दिनो में खगड़िया से विदा हो जाएंगे । हमलोगों की शुभकामनाएँ हमेशा उनके साथ रहे ।