आखिर कब तक धधकती रहेगी अनशन की आग,सातवें दिन भी अनुसेवकों का अनशन रहा जारी।

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खगड़िया/ राजेश सिन्हा
बिगड़ती हालत के बाद भी स्थायी नियुक्ति के लिए लालायित अनुसेवकों का अनशन आज सांतवे दिन भी जारी रहा। हालांकि अनशन के छठे दिन अर्थात गुरुवार को आमरण अनशन स्थल पर पहुंचे खगड़िया सांसद चौधरी महबूब अली कैसर ने न केवल अनशकारियों की मांगों को जायज ठहराया था बल्कि जिलाधिकारी से गंभीर वार्ता कर अनशन समाप्त कराने का भी आश्वासन दिया था। एमपी की जिलाधिकारी से क्या वार्ता हुई और जिलाधिकारी ने क्या आश्वासन दिया,यह तो स्पष्ट नहीं हो पाया है । लेकिन लोगों के मुंह से अब यह बरवस निकलने लगा है कि आखिर कब तक धधकती रहेगी अऩशन की आग। हाकिमों की वर्षों तक सेवा करने के बाद भी मेवा नहीं मिलने से नाराज अनुसेवक बीते सात दिनों से अनशन की आग में तप रहे हैं ।बावजूद इसके नौकरशाहों की नजरें अनुसेवकों की ओर इनायत क्यों नहीं हो पा रही है। अनशनकारी अनुसेवकों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उन लोगों की स्थायी नियुक्ति नहीं होगी, तब तक उन लोगों का अनशन जारी रहेगा। खगड़िया के कर्मठ जिलाधिकारी जय सिंह से उम्मीद पाल रखे अनशनकारियों का कहना है कि यह सबको पता है कि जरुरतमंदों को इंसाफ देने के मामले में डीएम साहब की कोई सानी नहीं है। बावजूद इसके उन लोगों की मांगे नक्कारखाने में तूती की आवाज क्यों साबित हो रही है,समझ में नहीं आता। वैसे अनुसेवकों द्वारा अचानक आमरण अनशन शुरु नहीं किया गया है। शुरुआती दौर में धरना प्रदर्शन कर अनुसेवकों द्वारा शासक प्रशासक की नजर अपनी ओर खींचने की कोशिश की गई थी। लेकिन जब अनुसेवकों की बातों पर प्रशासनिक स्तर से कोई सुधि नहीं ली गई तब आर पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए आमरण अनशन का आगाज कर दिया गया। पहले चरण में बीते 22 अप्रैल से उमेश ठाकुर,आलोक कुमार,अरविन्द कुमार, अभय चौधरी तथा अशोक कुमार महतो आमरण अनशन पर डटे थे और दूसरे चरण में बुधवार को बगावत की बांह पकड़कर श्रवण कुमार पासवान,टुनटुन पासवान,हरिओम कुमार,श्रवण पासवान तथा राजकुमार पासवान भी अनशनकारियों की फौज में शामिल हो गए। अनशनकारियों की हालत गर्मी के इस प्रचंड मौसम में धीरे_ धीरे खास्ता होती जा रही है । बावजूद इसके अनशनकारियों का कहना है कि बीते 22 अप्रैल से खगड़िया समाहरणालय के मुख्य द्वार स्थित धरना स्थल पर आमरण अनशन तब तक आमरण अऩशन पर डटे रहेंगे जब तक उन लोगों को इंसाफ नहीं मिल जाता। अनुसेवक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष गौतम कुमार का कहना है कि समूह “घ” पद पर नियुक्ति को लेकर प्रदर्शन कर रहे अनुसेवकों का अनशन इंसाफ मिलने तक जारी रहना तय है। पटना उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार उम्मीदवार अनुसेवकों की नियुक्ति समूह “घ” पद के तहत किया जाना है। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अनुसेवकों को समूह “घ” पद पर नियुक्ति के सवाल पर टालमटोल किया जा रहा है। पहले चरण में अनुसेवकों ने कई दिनों तक धरना दिया था। बावजूद जब मांगें नक्कारखाने में तूती की आवाज साबित होने लगी तो बाध्य होकर अनुसेवकों ने शनिवार से भूख हड़ताल शुरु कर दिया है। भूख हड़ताली अनुसेवकों के समर्थन में अन्य अनुसेवक धरना पर डटे हुए हैं। अनुसेवक संघ द्वारा जिलाधिकारी को आवेदन देकर आग्रह किया गया है कि अनुसेवकों को शीघ्र समूह “घ” पद पर नियुक्ति किया जाय। सचिव अनिमेष कुमार, कोषाध्यक्ष विपिन कुमार पासवान समेत दर्जनों अनुसेवक उम्मीदवारो का भी कमोवेश यही कहना है। महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री , मुख्य सचिव, बिहार सरकार, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग तथा मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त को दिए गए आवेदन की प्रतिलिपि उपलब्ध कराते हुए अनशनकारियों ने कहा है कि धरना एवं भूख हड़ताल कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रामप्रवेश पासवान, गांधी कुमार, अनिल कुमार सिंह, रामानंद पासवान, प्रणव कुमार मिश्र, मंजू देवी, गौतम साह, राम नरेश पासवान, विजय कुमार साह, तारकेश्वर मिस्त्री, परमानंद आजाद, सदन कुमार जमे जुटे हुए हैं।