कई माह से बंद है नौहट्टा के तरांव मोड़ का चापाकल, पशुओं को बांधने के लिए होता है कल का इस्तेमाल।
रामपुर/ कैमूर/ बंटी जायसवाल

AdvertisementRelated image

प्रखंड के नौहट्टा गांव के तरांव जाने वाली पथ के मोड़ के पास का चापाकल कई माह से ख़राब होकर बंद पड़ा है। इसके कारण आने जाने वाले लोगो को पानी पीने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मोड़ का चापाकल लगभग दो वर्ष से खराब होकर बंद पड़ा हुआ है। इस चापाकल के मुंडा में कुछ लोगो द्वारा पशुओं को बांधने का काम किया जा रहा है। ग्रामीण नयन कुमार साह, मुन्नू जायसवाल ने बताया कि चापाकल को बनवाने के लिए कई बार ग्रामीणों द्वारा आपस में चंदा इकट्ठा कर मिस्त्री से बनवाने की कोशिश की गयी लेकिन पाइप व अन्य सामान ख़राब होने के कारण नहीं बन पाया। अहिराव के लक्ष्मण सिंह ने बताया कि गर्मी का दिन आ गया है लेकिन नौहट्टा के तरांव मोड़ जाने वाली सड़क के बगल का चापाकल पीएचईडी विभाग के अधिकारियों द्वारा नहीं बनवाया गया है। इसके कारण पानी पीने के लिए लोगो को इधर उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार मुखिया व पीएचईडी के कर्मियों से कहा गया लेकिन आज तक चापाकल बनवाने के लिए कोई पहल नहीं किया गया। अब तो कुछ महीने से बंद चापाकल का मुंडा में कुछ लोगो के द्वारा पशुओं के बांधने के लिए खूंटा के रूप में प्रयोग किया जाने लगा है। सूत्रों के अनुसार प्रत्येक गाँव में दो से तीन चापाकल कई माह से बंद पड़े है, और विद्यालय का चापाकल खराब होकर बंद पड़ा है। विद्यालयों में चापाकल खराब होने के कारण बच्चो को भी पानी पीने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इस तरह क्षेत्र में सैकड़ों चापाकल बंद पड़ा है.।गर्मी का मौसम आ चुका है और चापाकल के अभाव में पिने के पानी के लिए लोगो को शुरुआत में ही काफी उठानी पड़ रही है। अभी तक पीएचईडी विभाग के अधिकारियों व कर्मियों का नींद नहीं खुल सका है। कब तक नींद खुलेगई यह तो आने वाला समय ही बताएगा। पीएचईडी विभाग के अधिकारी व कर्मी अपने कर्त्तव्य के संवेदनशील नहीं दिख रहे है।

– क्या कहते है कार्यपालक अभियंता

इस संबंध में पूछने पर कार्यपालक अभियंता अनीश अफजल ने बताया कि एक टीम तैयार कर जल्द से जल्द बंद पड़े चापकालो का मरम्मत कराया जायेगा।

AdvertisementRelated image