AUS से भारत की दूसरी भिड़ंत कल

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भारत-आस्ट्रेलिया के बीच दूसरे टेस्ट मैच से पहले कोच अनिल कुंबले ने साफ कर दिया है कि करुण नायर का एक तिहरा शतक अंजिक्य रहाणे के दो साल की बेहद सफल यात्रा पर भारी नहीं पड़ सकता है। उन्होंने कहा है कि मध्यक्रम के इस अनुभवी बल्लेबाज को अंतिम एकादश से बाहर करने का सवाल ही नहीं उठता है। रहाणे के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज अच्छी नहीं रही थी और आखिर में उन्हें हाथ में फ्रैक्चर के कारण बाहर होना पड़ा था।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में वह क्रमश: 13 और 18 रन ही बना पाए थे और भारत यह मैच 333 रन से हार गया था। रहाणे ने पिछले पांच मैचों में 204 रन बनाए हैं। कुंबले ने शनिवार से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पूर्व पत्रकारों से कहा, ‘रहाणे को बाहर करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। वह पिछले दो वर्षों में काफी सफल रहे हैं। जहां तक टीम संयोजन की बात है तो हमने अभी तक इस पर चर्चा नहीं की है। सभी 16 खिलाड़ी चयन के लिए उपलब्ध हैं।

कुंबले ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नायर को बाहर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘हां यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि करुण तिहरा शतक जड़ने के बाद टेस्ट नहीं खेल पाए। लेकिन हमारा टीम संयोजन इसी तरह का है। हम हमेशा पांच गेंदबाजों के साथ खेलना चाहते हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह किसी खिलाड़ी के चोटिल होने के बाद टीम में उसकी जगह पर आए थे। यह अच्छा है कि हमारे पास टीम में कई विकल्प हैं।

कुंबले ने कहा, ‘लोग एक समूह में सफल रहते हैं। यह इस समूह का अच्छा पहलू है कि जो भी टीम में आया उसने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन कभी ऐसा समय भी आता है कि खिलाड़ियों को टीम संयोजन के कारण बाहर होना पड़ता है। लेकिन करुण बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्हें जो भी मौके मिले हैं हमने उनमें उनकी काबिलियत देखी है।

दूसरा टेस्ट मैच जीतना है लक्ष्य

क्या भारत आगामी टेस्ट मैच में पांच या चार गेंदबाजों के साथ उतरेगा, इसपर कुंबले ने कहा कि वे सही संयोजन के साथ खेलेंगे। उन्होंने कहा, ‘यह इस पर निर्भर करता है कि हम टेस्ट मैच जीतने के लिए किसे सही संयोजन मानते हैं। अगर हम मानते हैं कि चार गेंदबाज पर्याप्त हैं या पांच गेंदबाजों की जरूरत है तथा कौन से चार या पांच गेंदबाज रखने है, यह सब रणनीति पर निर्भर करेगा। हमारा लक्ष्य मैच जीतना है।

परिणाम निकलने की उम्मीद
चिन्नास्वामी स्टेडियम के विकेट के बारे में कुंबले ने कहा कि उन्हें परिणाम देने वाले विकेट की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘सच कहूं तो मैं चिन्नास्वामी के विकेट के बारे में ज्यादा नहीं जानता। मैं यहां पर खेलते हुए बड़ा हुआ हूं लेकिन आम तौर पर यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा होता है। मुझे पूरा विश्वास है कि यहां परिणाम निकलेगा और टेस्ट मैच में हम यही चाहते हैं। कुंबले ने कहा कि जब वह खेला करते थे तब पिच की परिस्थितियों को लेकर परेशान नहीं रहते थे।

उन्होंने कहा, ‘जब मैं खेला करता था तो मैं कभी पिच नहीं देखता था। लोग पिच के संबंध में मेरी गेंदबाजी को लेकर काफी कुछ लिखते रहे हैं लेकिन एक गेंदबाज या कप्तान या कोच के रूप में मैं कभी पिच को लेकर परेशान नहीं रहा। हां हम पिच देखने जाते हैं ताकि यह फैसला कर सकें कि हमें क्या करने और कैसी रणनीति अपनाने की जरूरत है।