नई दिल्ली (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडी) के 16 डिजिट के वर्चुअल (आभासी) आईडी के सुरक्षा प्रस्ताव को अर्थहीन करार देते हुए इस पर तंज कसते हुए गुरुवार को कहा कि जब लाखों लोग सेवादाता कंपनियों के साथ पहले ही अपना आधार नंबर साझा कर चुके हैं| ऐसे समय में यह प्रस्ताव घोड़ों के भाग जाने के बाद अस्तबल का दरवाजा बंद करने जैसा है।

चिदंबरम ने आधार पर अपनी राय जाहिर करते हुए ट्वीट कर कहा, ‘लाखों लोग कई सेवा प्रदाताओं को अनिवार्य होने के कारण अपनी आधार संख्या पहले ही मुहैया करा चुके हैं। ऐसे में नया सुरक्षा स्तर जोड़े जाने का प्रस्ताव घोड़ों के भाग जाने के बाद अस्तबल का दरवाजा बंद करने जैसा है।’
उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के दौरान सरकार ने आधार संख्या को सुरक्षित करने के लिए 16 अंकों की वर्चुअल आईडी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
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