पटना (हि .स.) बिहार में जमीन से संबंधित रिकार्ड की सुरक्षा व्यवस्था सही नहीं रहने और किसी भी जिला में संबंधित रिकॉर्ड अप टू डेट नहीं रहने पर पटना हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से छः सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायमूर्ति राजेन्द्र मेनन एवं न्यायमूर्ति डा. अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने अधिवक्ता शंभू शरण सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया।
अदालत ने राज्य सरकार को कहा कि वह जिलावार जमीन से संबंधित रिकॉर्ड को अपटूडेट करे और इन रेकार्डों को आधुनिकीकरण करने के संबंध में भी कार्रवाई कर अदालत को अगली सुनवाई पर जबाब दें।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता शंभूशरण सिंह द्वारा अदालत को बताया गया कि राज्य के साथ साथ ज़िलों के अभिलेखागारों में जमीन संबंधी मामलों के रेकॉर्ड रखने की ब्यवस्था सही नही है ।कोई भी अभिलेखागार ऐसा नही है जहां किसी भी मामले का पूरा रेकर्ड मौजूद हो ।उन्होंने अदालत को बताया कि अगर जमीन संबंधी रिकॉर्ड अप टू डेट कर दिया जाए तो अन्य मामलों सहित अपराधिक मामले के निष्पादन में सुविधा होगी।अदालत को यह भी बताया गया कि जमीन के रिकार्ड की सुरक्षा भी एक गंभीर समस्या है। किसी भी जिला में रिकार्ड की सुरक्षा की व्यवस्था सही नहीं है।
अदालत को यह भी बताया गया कि वर्ष2011 में राज्य सरकार द्वारा नया कानून बनाया गया है जिसमें सभी जमीनों को अद्यतन एवं नवीकरण करना है। लेकिन सरकार द्वारा कोई भी करवाई इस मामले में नहीं की गई है।
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