नक्सलियों के खिलाफ एकजुट हुए बारह गांव के ग्रामीण, विकास में अवरोधक नक्सलियों को देंगे मुहतोड़ जबाब,बंद पड़े पुल का निर्माण शुरू।

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चतरा – आम जनमानस के लिए सरकार के द्वारा चलाए जा रहे महत्वकांक्षी योजनाओं को नक्सली लेवी के लिए बन्द करवा देते है ! ऐसा ही एक मामला पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र की है जहां पुल निर्माण कार्य को नक्सलियों ने बन्द करवा दिया था ! चतरा जिला प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण आज बारह गाँव के ग्रामीण नक्सलियों के खिलाफ गोलबंद हो कर पुल निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया। चतरा जिले के पत्थलगडा प्रखंड मुख्यालय से सटे बकुलिया नदी पर पांच करोड़ की लागत से बन रहे पुल का काम बंद करा देने से ग्रामीण नक्सलियों के खिलाफ एक जुट होने लगे हैं। नक्सली फरमान के बावजूद उन फरमानों को दरकिनार कर पुल का काम ग्रामीणों ने शुरू करा दिया है । पुल का काम ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कराया जा रहा है। जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व राज्य के सीएम रघुवर दास ने ऑन लाईन की थी। चतरा जिला भगौलिक दृष्टिकोण से नदी , जंगल और पहाड़ो से घिरा है इन इलाकों में नक्सलीयो का वर्चस्व हमेशा रहा है और यही वजह है कि नक्सली बगैर लेवी लिए सरकारी काम काज नहीं करने देते ! बकुलिया नदी पर टीपीसी नक्सलियों द्वारा पुल का निर्माण कार्य बंद करा देने से ग्रामीण क्षुब्द व नाराज होकर नक्सलियों के खिलाफ जन सभा की। सभी गाँव वासियों का कहना है कि बाढ़ में कई लोग व जानवरों की जान चली गई है ! इतने लंबे संघर्ष व आंदोलन के बाद पुल निर्माण कार्य आरम्भ किया गया और आज किसी नक्सली संगठन या असामाजिक तत्व के लोगों द्वारा धमकी व बुरी तरह पिटाई कर देने से पुल का काम बंद नहीं होने देंगे इसके लिए हम सभी गाँववासियो को अंजाम जो भी भुगतना पड़े पर निर्माण कार्य बन्द नहीं होने देंगे ! बकुलिया पुल का काम कुछ दिन पहले नक्सलियों ने जबरन बंद करा दिया था उस काम को ग्रामीणों ने आज शुरू करा दिया है । टीपीसी के उग्रवादियों ने लेवी की राशी लेने के लिए पुल निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और ऑपरेटर को जमकर पिटाई की थी। इस घटना के बाद मजदूर से लेकर ठेकेदार सभी दहशत में थे और पुल का काम बंद कर दिया गया था। लेवी की राशि दिए बगैर नक्सलियों ने दोबारा काम शुरू नहीं करने का फरमान जारी किया था। पुल का काम बंद होने और निर्माण कार्य में लगे मशीनों को हटाए जाने के बाद पुल निर्माण कार्य मे ग्रहण लगता देख ग्रामीणो ने आज नक्सलियों से भय मुक्त होकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल डाला ! ग्रामीणों ने ठेकेदार को निर्माण स्थल से मशीन ले जाने से रोका और सभी ने एक स्वर में कहा कि बारह गाँव के लोग आपके साथ है कृपया आप निर्माण कार्य बन्द नहीं करे । बारह गांव के लोगो ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए लिए रणनीति बनाई और कार्य प्रारम्भ करवाया ! 70 वर्षों से पत्थलगडा और सिमरिया प्रखंड के 12 गांव शीतलपुर, तपसा, हांडे, टेटुआतरी, गेड़वा, सितलपुर, रेहड़ा, सिंघानी, बरवाडीह, व अन्य गाँव पुल के अभाव में कई गांव टापू बन जाते हैं। खासकर बरसात में कई दिनों तक आवश्यक सेवाएं बाधित रहती है। इन्ही सब कारणों से लोग कई बार धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया। गाँव के लोगो का संघर्ष रंग लाई और पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ पर नक्सलियों ने लेवी की राशि वसूली करने के लिए काम बंद करा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस का साथ मिलता है तो ठीक है ! हम सभी पुल निर्माण के लिए ठेकेदार को मदद करेंगे और इसके लिए हर गांव से 20 युवाओं का विशेष दल निगरानी करेगी। ताकि कोई भी असामाजिक तत्व पुल का काम दोबारा बंद या बाधित नहीं कर सके। ग्रामीणों के संरक्षण व सार्थक पहल से पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया। जैसे ही पुल निर्माण में लगे मशीन स्टार्ट तो हुआ ग्रामीण खुशी से उछल पड़े।