कैमूर – विकास के मामले में हासिए पर खड़े गांव में प्रशासनिक पदाधिकारियों का काफिला पहुंचते ही लोगों की बांछें खिल गई। हालांकि यह सब आसानी से संभव नहीं हो सका है। सात माह पूर्व एसडीएफ न्यूज पर खबर चलाए जाने के बाद कैमूर जिलाधिकारी राजेश्वर प्रसाद सिंह एवम कैमूर एसपी हरप्रीत कौर ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाया और वैसे गांव में जिले के सभी अधिकारियों के साथ चौपाल लगाया जहां आज तक किसी अधिकारी ने कदम तक नही रखा था। इतना ही नहीं उस गांव में जाने का कोई साधन तक नहीं था। लेकिन जिले के सभी अधिकारियों के साथ कैंप लगाकर वहां विकास की लकीर खींचने का एक सराहनीय कार्य जिलाधिकारी ने जरुर किया है। जिसकी सराहना चारों तरफ देखने को मिल रही है। वैसे इस सराहना का सारा श्रेय जिलाधिकारी ने एसडीएफ न्यूज को दिया। सात माह पूर्व एसडीएफ न्यूज पर खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिलाधिकारी के संज्ञान में यह मामला लाया गया था। जी हां! हम बात कर रहे हैं कैमूर जिला मुख्यालय से 82 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित अधौरा प्रखंड के बड़वान कला गांव की, जहां की आबादी लगभग 5000 के पास है। बावजूद इसके आज भी यहां के आधे से अधिक लोग कुंवारे हैं । कई कुंवारे तो अपनी शादी की राह देखते-देखते परलोक सिधार गए तो कई आज भी शादी के इंतजार में 70 साल के बुड्ढे पड़े हुए हैं । जैसे ही कैमूर जिले के सभी आला अधिकारियों की गाड़ी बड़वान कला पहुंची, लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा । लोगों के मन में उम्मीद जगी कि जहां किसी अधिकारी आना मुनासिब नहीं समझते थे,वहां पर जिला कलक्टर -कैमूर एसपी सहित सभी विभागों के वरीय अधिकारी लोगों की सुध लेने पहुंचे हुए थे। बड़वान कला गांव अधौरा प्रखंड के पहाड़ के ऊपर बसा हुआ है । जहां पैदल के अलावा गांव में जाने के लिये कोई रास्ता नहीं था। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय की दूरी को कम करने के लिए दशरथ मांझी के तर्ज पर पत्थर काटकर पहाड़ी के ऊपर से चार सौ फुट नीचे यानी पांच किलोमीटर तक रास्ता तो बनाया था। लेकिन जिले के अधिकारियों की उपेक्षा के कारण वह भी रास्ता वाहन के जाने लायक नहीं बन पाया था। जिससे उन लोगों के अंदर काफी निराशा थी। लेकिन आज जिलाधिकारी के गांव पहुंचने से पहले गांव तक कच्ची सड़क का निर्माण करा दिया गया। जिससे उनके साथ सभी लोगो की गाड़ियां गांव तक पहुंची। स्थानीय लोगों ने बताया हम लोगों को बहुत खुशी है कि हमारे गांव तक जिलाधिकारी के आने के साथ ही गाड़ी भी आने लगी। जब जिले के सभी अधिकारी आए हैं तो यहां रास्ते की समस्याएं तो नहीं ही रहेगी, विकास भी होगा। इस कैंप में मौजूद सिविल सर्जन ने बताया कि यहां के लोगों की सहुलियत के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा और यहां समय-समय पर मेडिकल टीम के माध्यम से लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा। इधर जिलाधिकारी राजेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि यहां जिले के सभी अधिकारियों के साथ एक चौपाल लगाया गया है जिससे लोगों की समस्याओं को सुनकर तुरंत निपटारा किया जा सके और इस गांव को विकसित बनाने के लिए सभी विभाग की तरफ से कार्य कराया जा सके । सबसे बड़ी समस्या सड़क की है लेकिन आने वाले दिनों में समस्या नहीं होगी और गांव तक गाड़ी सरपट दौड़ेगी। कैमूर एसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि पहले इस इलाके में नक्सलियों की तूती बोला करती थी । लेकिन यहां पर CRPF और बिहार पुलिस के पर्याप्त फोर्स लगा दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी लोग सुकून की जिंदगी अब बिता रहे हैं। डीएम राजेश्वर सिह एवं ग्रामीणों ने एसडीएफ न्यूज को धन्यवाद दिया।
रिपोर्ट-मुकुल जायसवाल

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