खगड़िया- शराब के धंधे में बेतरतीब तरीके से हो रही कमाई देखकर सहरसा जिले के राजकुमार और सुमेश ने भी शराब कारोबारी बनने की ठान ली। लेकिन उसे क्या पता था कि लेडी सिंघम के रुप में पुलिस कप्तान की भूमिका निभा रही मीनू कुमारी के सख्त दिशा-निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान का शिकार बनकर जेल की सलाखों तक पहुंच जाएगा। कुछ ऐसा ही हुआ है सहरसा जिले के सलखुआ थाना अंतर्गत यूटेश्वरा निवासी राज कुमार उर्फ गौरव राज तथा सुमेश कुमार उर्फ सुमन कुमार के साथ। लेडी सिंघम के साथ-साथ नगर कोतवाल मोहम्मद इस्लाम को जानकारी मिली कि शहर के आस-पास से शराब की खेप आने-जाने वाली है। गुप्त खबर मिलते ही शहर के कोतवाल मोहम्मद इस्लाम के नेतृत्व में एसआई सफदर अली, एसआई कमला प्रसाद, एएसआई मोहम्मद हिमांयु तथा सिपाही प्रभुनारायण सिंह बलुआही बस स्टैंड के आस-पास पसर गये तभी शराब कारोबारी राजकुमार तथा सुमेश वहां पहुंचा और संदिग्ध निगाहों से इधर-उधर देखने लगा। तब तक पुलिस की निगाहें मिली सूचना के नजदीक जा चुकी थी। जब दोनों की तलाशी ली गई तो उस दोनों के पास से 750ml के 43 बोतलें बरामद कर ली गई। सभी शराब की बोतलें रायल स्टेग ब्रांड की है। बताया जा रहा है कि राजकुमार उर्फ गौरव राज स्वर्गीय राजदीप यादव का पुत्र है जबकि सुमेश कुमार उर्फ सुमन कुमार सीता राम प्रसाद यादव का लाडला है। बहरहाल,खगड़िया के जिलाधिकारी जय सिंह तथा लेडी सिंघम के रुप में पुलिस कप्तान की भूमिका निभा रही मीनू कुमारी के दिशा-निर्देश पर शराब कारोबारियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के कारण शराब कारोबारियों की बुनियाद हिलकर रही है।
राजेश सिन्हा की रिपोर्ट

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