बक्सर– जिले के केसठ़ प्रखंड के कई गांवों में वर्षा होने से फिर एक बार बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है। इस बाबत प्रखंड के किसानों का कहना है कि कतिकनार पंचायत के दंगौली गाँव मे पहले धान का बिछड़ा बर्बाद हो गया था, और जब उन्होंने पानी कम होने पर अपने संबंधी या आस-पास के गाँव से बिछड़ा खरीद कर घान की रोपाई की लेकिन फिर एक बार बाढ़ ने सबकुछ खत्म करने की बात सोच ली है। सारे खेत ऐसे हुए है मानो गंगा नदी फिर एक बार दंगौली मे आ गई हो।खास बात तो ये है कि प्रशासन अभी तक सुस्त है |जबकि दंगौली गाँव वालो ने केसठ़ के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को आवेदन भी दिया गया था जिसमें कहा गया था कि नहर से पश्चिम चाट मे जो अतिक्रमण है उसको हटाया जाये तथा नहर से पश्चिम चाट की सफाई की जाये,उस पर अंचलाधिकारी ने भी सहमति दे दी थी। गाँव के लोगों का कहना है कि, जब बिछड़ा के समय बाढ़ आया था तो बस प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी का एक दो बार दौरा हुआ फिर भूल कर सो गये है। पहले तो 200 एकड़ का बिछड़ा ही बर्बाद हुआ था, अब 200 एकड़ की फसल बर्बाद होने के कगार पर है । अगर पानी निकास का अभी निदान नही किया गया तो ज्यादा नुकसान हो सकता है । बाढ़ से किसान केदार सिंह, राम किंकर सिंह, धरनीधर सिंह, जिउत साह, राम ईश्वर साह, कन्हैया सिंह, अरुण सिंह धर्मेन्द्र कुमार सिंह आदि के कई एकड़ की फसल बर्बाद हो गयी है। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर कोई मदद किसानों को नहीं मिल पा रही है। यही नहीं बाढ़ के कारण गाँव से बाहर निकलने के सभी रास्ते भी बंद हो चुके हैं। ऐसे में किसानों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गयी है। बहरहाल अब यह बात देखने वाली होगी कि प्रशासन अपनी नींद से जाग कर किस प्रकार किसानों की मदद कर पाता है ?

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