राजेश सिन्हा की रिपोर्ट
शराबबंदी कानून को धरातल पर उतारते हुए शराब के कारोबार पर किस हद तक अंकुश लगाया जा सका ,यह कहना तो शायद जल्दबाजी होगी । लेकिन यह कहने में शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि खगड़िया के जिलधिकारी जय सिंह तथा लेडी सिंघम के रुप में पुलिस कप्तान की भूमिका निभा रही मीनू कुमारी ने शराब कारोबारियों के होश फाख्ता कर छोड़े है। ऐसी बात नहीं है कि इस तरह का अभियान पहली बार चलाया जा रहा है, चलाया तो पहले भी जाता था। लेकिन लेडी सिंघम के रुप में पुलिस कप्तान की भूमिका निभा रही मीनू कुमारी की पदस्थापना के बाद से ही शराब कारोबारियों पर मानो शामत आ गई हो। कई रसूखदार शराब कारोबारी जेल की सलाखों के पीछे बंद हैं तो कई के घर-बार पर सरकारी ताले लटककर गृहस्वामी को मुंह चिढ़ा रहे हैं। कई शराब माफियाओं के लग्जरी वाहन थाने में पड़े-पड़े नीलामी की बोट जोह रहे हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि डीएम-एसपी की सख्ती के कारण जिले से शराब कारोबारियों के पांव उखड़ चुके हैं। लेकिन कुछ रसूखदार शराब कारोबारी शासन-प्रशासन को आंख दिखाने में लगे हैं और आलाकमान ऐसे तत्वों को समेटने में लगे हैं। इसी कड़ी में जिले के मानसी थाना अंतर्गत चकहुसैनी निवासी हरि सिंह के पुत्र कन्हैया कुमार सिंह को बिहार मद्य निषेध अधिनियम की धारा 63 (3) (क) के तहत जिलाबदर कर दिया गया है। बार-बार जेल जाने के बाद भी शराब के कारोबार से तौबा नहीं करने के कारण पुलिस कप्तान मीनू कुमारी के द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर जिला समाहर्ता
जय सिंह की न्यायालय के द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। छह माह के लिए जिलाबदर किए गए कन्हैया कुमार सिंह के विरुद्ध पूर्व से आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। बिहार मद्य निषेध और उत्पाद एक्ट की धाराओं के तहत कन्हैया आरोपित है। मानसी थाना में बिहार उत्पाद (अमेन्डमेन्ट) एक्ट 2016 के तहत धारा 47 (ए) एवं बिहार मद्य निषेध व उत्पाद अधिनियम 2016 के तहत धारा 30(ए) में आरोप पत्र भी समर्पित किया जा चुका है। बावजूद इसके कन्हैया शराब के कारोबार से अपने आपको किनारे नहीं कर रहा है। बात अलग है कि कन्हैया दोनों ही मामलों में जमानत पर है। समाहर्त्ता सह जिला दण्डाधिकारी न्यायालय के द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट वर्णित है कि कन्हैया के कार्य वृत एवं अपराध की प्रवृति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि क्षेत्र में उसकी गतिशीलता की स्थिति में मद्य निषेध व उत्पाद अधिनियम की धाराओं का उल्लंघन होने का खतरा बना रहेगा। बहरहाल, शराब कारोबारियों के नाक के नकेल डालने के बावत चलाए जा रहे मुहिम से शराब कारोबारियों के होश फाख्ता हो गए हैं।

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