राजेश सिन्हा की रिपोर्ट
शराब बंदी के बाद भी शराब की बिक्री करने वालों की कुंडली खंगालते हुए गिरफ्तार तो किया ही जा रहा है, गिरफ्तारी के बाद जेल से निकलते ही पुनः शराब के कारोबार में जुट जाने वालों को जिलाबदर करने की भी कार्रवाई तेज हो गयी है। उक्त बातें खगड़िया के जिलधिकारी जय सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले के विभिन्न हिस्सों में शराब के अवैद्य कारोबार में लिप्त तत्वों की अब खैर नहीं है। कई बार पकडे जाने एवं जेल जाने के पश्चात भी जो धंधेबाज धंधे से तौबा करने को तैयार नहीं हैं और अवैद्य कारोबार का दामन थाम रखा है, उनके नकेल में नकेल कसने के बावत जिलाबदर के कार्रवाई की शुरूआत कर दी गई है। जिलधिकारी जय सिंह के मुताबिक अलौली थाना अंतर्गत पर्री गांव निवासी स्वर्गीय पृथ्वी चन्द्र चौधरी के पुत्र भूषण चौधरी, नगर थानान्तर्गत दाननगर निवासी साधु यादव के पुत्र संजीव यादव उर्फ चिप्पा एवं मानसी थाना अंतर्गत चकहुसैनी निवासी हरि सिंह के पुत्र कन्हैया कुमार सिंह के विरूद्ध मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 की धारा 66(क) के तहत जिलाबदर करने की कवायद शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बार-बार पकड़े जाने एवं जेल जाने के पश्चात भी जमानत पर छूट कर ऐसे लोग पुनः शराब के अवैद्य कारोबार में लिप्त हो जाते हैं। ऐसे लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने हेतु उक्त निर्णय लिया गया है। बहरहाल, अपनी पदस्थापना के बाद से ही शराब कारोबारियों पर शामत बरसा रही पुलिस कप्तान मीनू कुमारी के सख्त रवैये से जहां शराब कारोबारियों के बीच खलबली मची है वहीं बरामदगी स्थल को जिलधिकारी जय सिंह के द्वारा सील किए जाने की कार्रवाई के बीच धंधेबाजों को जिलाबदर किए जाने के ऐलान से हड़कंप व्याप्त हो गया है।

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