खगड़िया/ राजेश सिन्हा
खगड़िया के जिलाधिकारी जय सिंह तथा लेडी सिंघम के तौर पर पुलिस कप्तान की भूमिका अदा कर रही मीनू कुमारी के द्वारा नशा मक्त समाज निर्माण के बावत तमाम ताकतें झोंक दी गई है। इतना ही नहीं यह भी ऐलान कर दिया गया है कि नशा का कारोबार करने वाले चाहे कितने भी रसूख वाले क्यों नहीं हों, उनकी बुनियाद मिटकर रहेगी। इसी क्रम में आज जिलाधिकारी जय सिंह ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी को धरातल पर उतारने हेतु जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन,उत्पाद विभाग व सभी अभियोजन पक्ष के परस्पर समन्वय एवं तारतम्य से कार्य को अंजाम देना पड़ेगा ,ताकि शराब के कारोबार में संलिप्त असामाजिक तत्वों को सलाखों के पीछे भेजा सके। जिलाधिकारी पूर्ण शराबबंदी से संबंधित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं के आलोक में ठोस कार्रवाई करें ,ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलायी जा सके। पुलिस कप्तान मीनू कुमारी ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मद्य निषेध से संबंधित कड़े कानूनी प्रावधानों को कड़ाई से लागू करें ,ताकि इसका सफल क्रियान्वयन हो सके। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान की तारीफ की और कहा कि अधिक मेहनत की जरूरत है। उन्होंने फिलवक्त हो रही कार्रवाईयों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस पदाधिकारियों के हौसला को बुलंद तो किया, लेकिन नसीहत देने वाले अंदाज में यह कहा कि उक्त कानून को लागू करने से पूर्व सभी तकनीकी एवं महत्वपूर्ण पहलुओं को बारिकी से देख लें ,ताकि दोषियों को किसी भी स्तर पर लाभ न मिल सके। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से समाज बदला है एवं खुशहाली भी आई है । बावजूद इसके कई चुनौतियां हैं,जिसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। इसके पूर्व उक्त कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी एवं पुलिस कप्तान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। मौके पर उपस्थित विशेष लोक अभियोजक, उत्पाद प्रियरंजन कुमार ने उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारियों को बिहार उत्पाद अधिनियम 2016 की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तृत जानकारियां दी। कार्यशाला में उक्त अधिनियम के साथ-साथ बिहार आबकारी एवं प्रतिबंध अधिनियम, बिहार उत्पाद संशोधन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। घर में या सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने-पिलाने, हंगामा करने, घर में शराबियों का जमावड़ा लगाने, शराब का अवैद्य कारोबार, वाहन का उपयोग, घरों, वाहनों एवं मकानों की जब्ती एवं उसकी नीलामी प्रक्रिया, दवा दुकानों पर नशीली दवाईयों की बिक्री पर नजर रखना, आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। गोगरी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजन कुमार सिन्हा, मद्य निषेध नोडल पदाधिकारी मुकेश सिन्हा, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी कमल सिंह, उत्पाद अधीक्षक देवेन्द्र कुमार सिंह के साथ-साथ सभी थानाध्यक्ष एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।

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