खगड़िया/ राजेश सिन्हा
लापरवाह व भ्रष्ट नौकरशाहों के नाम अक्सर सजा मुकर्रर करते आ रहे खगड़िया के जिलाधिकारी जय सिंह ने आज लापरवाह व भ्रष्ट शिक्षकों को न केवल कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाया बल्कि 53 नियमित शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की अनुशंसा भी कर दी। डीएम के द्वारा की गई कार्रवाई से शिक्षकों के बीच हड़कंप व्याप्त है। दरअससल विभिन्न स्कूलों के पठन-पाठन को लेकर अक्सर शिकायतें तो मिल ही रही थी,अक्सर शिक्षकों की अनुपस्थिति का मामला भी जुगाली कर रहा था। मध्याह्न भोजन योजना के नाम पर गड़बड़ी की शिकायत आम हो चली थी। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी के द्वारा जब 18 पदाधिकारियों के द्वारा कुल 35 स्कूलों की जांच कराई गई तो शिक्षा वयवस्था का नंगा सत्य सामने आ गया। विभिन्न विधालयों के कुल 53 शिक्षक कर्तव्यहिनता दर्शाते हुए विधालय से गायब पाए गए तो कई जगह मध्याह्न भोजन योजना के नाम पर गड़बड़ी पायी गई। अलौली प्रखंड अंतर्गत भगवानपुर मध्य विद्यालय, गौडा चक मध्य विद्यालय, उखरौड़ा मध्य विद्यालय और गम्हरिया मध्य विद्यालय सहित कुछ अन्य विद्यालयों का नजारा डीएम से ओझल नहीं रह सका। बंद पाए गए इन स्कूलों में न केवल ताला लटका पाया बल्कि शिक्षक व कर्मी भी नदारद पाए गए। सहसी कन्या मध्य विद्यालय की निधी कुमारी जहां बीते 20 जनवरी से बिना सूचना के गायब मिली वहीं सुप्रिया कुमारी भी बीते 22 अगस्त से विद्यालय का मुंह तक नहीं देखी थी। जांच के दौरान पदाधिकारियों ने यह भी पाया कि कुछ स्कूलों की साफ-सफाई व रख-रखाव की सुविधा मुंह चिढ़ा रही थी। इतना ही नहीं स्कूलों से संबंधित पंजी का संघारण भी विभागीय निर्देश को ठेंगा दिखाता हुआ प्रतीत हुआ। अलौली के रामपुर मध्य विद्यालय का हाल ब्यां करना इसलिए मुश्किल था क्योंकि विगत तीन वर्षों से छात्रवृति की राशि का वितरण हुआ ही नहीं था। पदाधिकारियों के द्वारा डीएम के समक्ष समर्पित किए गए जांच प्रतिवेदन को देखकर जिलाधिकारी जय सिंह हत्थे से उखड़ गए और अनुपस्थित नियमित शिक्षकों के विरूद्ध निलंबन का गाज गिराते हुए विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा कर दी है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अनुपस्थित नियोजित शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई नियोजन समिति द्वारा की गई है। मध्याह्न भोजन योजना की भी जांच गंभीरता पूर्वक चल रही है। वैसे जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोषी पाए गए शिक्षकों से न केवल राशि की वसूली की जाएगी बल्कि कठोर कार्रवाई भी होगी। बहरहाल, यह पहला मौका नहीं है, जब डीएम के द्वारा शिक्षकों की कुंडली खंगाली गई हो ।लेकिन यह कहा जा सकता है कि पहली बार थौक भाव में शिक्षकों को डीएम स्तर से की गई कार्रवाई का शायद सामना करना पड़ा है।

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