खगड़िया/राजेश सिन्हा

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कार्य के प्रति लापरवाह व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोपी कई पंचायत सचिव व निम्नवर्गीय लिपिकों पर प्रशासनिक चाबुक चला है। कुछ के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है तो कई के वेतन से भिन्न मद में खर्च की गई राशि वसूलने का आदेश जारी किया गया है। कुछ ऐसे भी महाशय हैं,जिनकी प्रोन्नति पर रोक लगाते हुए निंदन की सजा भी मुकर्रर की गई है। आज जिलाधिकारी जय सिंह के द्वारा पंचायत सचिव व निम्नवर्गीय लिपिक के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन के बाद दंड अधिरोपित किए जाने के बाद से हड़कंप व्याप्त है। हालांकि डीएम स्तर से पहली बार कठोर सजा मुकर्रर नहीं की गई है,इसके पहले भी कई राजस्व कर्मचारीयों के साथ साथ पंचायत सचिवों को जुर्म की सजा मिल चुकी है। लेकिन शायद आज पहली बार थोक भाव में लापरवाह कर्मियों पर इस तरह की कार्रवाई किए जाने से भ्रष्ट नौकरशाहों को इस बात का संकेत मिल गया है कि सरकारी नियम कानून के विरुद्ध कार्य डीएम बर्दास्त करने वाले नहीं हैं। आज संचालन की कार्रवाही के बावत आयोजित बैठक में अलौली प्रखंड के पंचायत सचिव नरेश दास, कैलाशपति, बबुआ नारायण पासवान, परबत्ता प्रखंड के सुभाष शर्मा,खगड़िया प्रखंड के मणि कुमार चौरसिया व गोगरी प्रखंड के अजीत कुमार जैसे पंचायत सचिव व निम्नवर्गीय लिपिकों को डीएम द्वारा मुकर्रर की गई सजा का सामना करना पड़ा है।

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