बाढ़ / सुनिल कुमार अंशु

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बाढ – बालु माफिया माननीय उच्च न्यायलय के आदेश को धत्ता बताते हुए अवैध तरीके से बालू का खनन कर रहे हैं। बालुु माफिया 04 फीट कि जगह 15 से 20 फीट गहरा बालु कि कटाई कर अपने स्वार्थ तो पुरा कर रहे है। इनके द्वारा खोदे गये क्रब में गिरकर एक और होनहार युवा सुवोध उर्फ़ भेला ने अपनी जान गवा दी। एैसे हादसे अक्सर हो रहे है जिससे लोग काफी आशंकित हैं। स्थानिय प्रशासन की मिली भगत से आज भी धंधा जारी है। अभी बाढ के कहर झेलने का अनुभव का डर लागों के मन से निकला भी नही कि गंगा नदी के सेहत से फिर खिलवार करना शुरु कर हो गया है। इन दिनो बालु माफिया कि नजर गंगा के किनारे बालु पर है। प्रतिदिन सैकडो ट्रेक्टर कि मदद से अबैध रुप से सफेद बालु का कारोबार बददस्तूर जारी हैे। ओैर इस काम में एनटीपीसी थाना के दारोगा का खुला सर्मथन मिलने से बालु माफिया का भी मनोबल उचा है।  स्थानिय ग्रामिण जब विरोध करते है और मामले कि शिकायत पुलिस से करते है तो उनकी गोपनियता भंग कर दी जाती है। आबेदन का फोटो काॅपी बालु माफिया को मुहैया करादी जाती है,फिर माफिया आवाज उठाने बाले को धमकी देना शुरू कर देते है। वही पुलिस में जा कर जब दबंगों की शिकायत करने ग्रामिण एनटीपीसी थाना पहुचते है तो वहा पहले से दबंग थाना प्रभारी के साथ बैठे देखे जाते है और उल्टे पुलिस गाॅव पहुच कर गरीबो को ही पीट कर मामले को वापस लेने का दवाव बनाती है। गौरतलब हैकि हाल में इसी गंगा घाट पर तीन किशोरों कि जान गढ्ढे में डुबने से हो गई थी, फिर भी प्रशाशन की नींद नहीं कज़्हुली है। हाल ये हैकि एनएच -31 पर बाईक चलाने बालो के आंख में अक्सर बालु चला जाता हेै और सडक हादसा हो जाता है। जानकारों के मुताबिक एनटीपीसी थाना प्रभारी  के द्वारा प्रति वाहन ढाई हजार रु प्रतिमाह बंधा हुआ है जिसके चलते पुलिस माफिया पर मेहरवान है। मामले पर जब प्रशासन से बात किया तो वे यथा शीघ्र मामले को गंभीरता से लिए जाने कि बात कही,,वही खनन विभाग से भी ने भी कार्यवाई किये जाने कि बात कही है। अब देखना है कि लेागो कि जिन्दगी से खिलवाड से यहा के ग्रामीणों को कब छुटकारा मिलेगा।

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